
रिकांगपिओ(किन्नौर)

पहले भी हो चुका है ऐसा
इससे क्षेत्र के नौ गांवों की लगभग 3000 की आबादी को को चल और अचल संपति से हाथ धोना पड़ सकता है। इससे पहले दुनों में जमीन धंसने का मामला सामने आ चुका है।
वहां के करीब 400 लोग दहशत में रहने को मजबूर है। दुनों में पिछले मार्च माह लगातार भू-स्खलन होने से क्षेत्र के लोग स्थानीय देवता नारायण साहिब के शरण में गए थे।
409 परिवारों को खतरा
वहीं, बगीचों के अलावा अपनी जमीन से भी हाथ धोना पड़ेगा। ग्राम पंचायत निचार के पूर्व उपप्रधान एवं मां उषा देवी कमेटी के सदस्य वीरेंद्र नेगी, कृष्ण भगत नेगी, दिमाग चंद नेगी, कपिल नेगी, मनसा राम नेगी, उदेव नेगी, हुकम सिंह, भगत सिंह, लक्ष्मण सिंह, शालिक राम, वीरेंद्र, यशपाल नेगी सहित कई अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से समय रहते भू-वैज्ञानियों की टीम बुलाकर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

प्रकृति से छेड़छाड़ का नतीजा
प्रदेश विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. डीडी शर्मा ने कहा कि भूमि से छेड़छाड़ पर ही ऐसा हो सकता है। अंधाधुंध हाइड्रो प्रोजेक्ट बनाए गए हैं। जिनकी यही परिणति हो सकती है।
यह क्षेत्र प्राकृतिक तौर पर भी संवेदनशील है। यद्यपि इस पर अध्ययन किया जाना बाकी है।
